Tuesday, February 17, 2009

बाबा रामदेव का देश की जनता से वादा



योगाचार्य स्वामी रामदेव ने स्पष्ट कहा है कि वे सक्रिय राजनीति में नहीं आएँगे, लेकिन इससे
बाहर रहकर देश की सत्ता राष्ट्रवादी, पराक्रमी, पारदर्शी, दूरदर्शी,
मानवतावादी, अध्यात्मवादी व विनयशील देशभक्त एवं ईमानदार लोगों के हाथों
सौंपकर एक शक्तिशाली लोकतांत्रिक भारत बनाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। रामदेव
ने यहाँ आगामी लोकसभा के चुनावों के संदर्भ में कहा कि देश में आज एक
विशुद्ध चिंतन की आवश्यकता है, जिससे हम सत्ता के शीर्ष में बैठे भ्रष्ट,
बेईमान और अपराधी किस्म के लोगों को सत्ता से बाहर कर देश में एक नई आजादी
ला सकें। उन्होंने कहा चुनावों में सौ प्रतिशत मतदान कर हम देश को राजनैतिक भ्रष्टाचार से
मुक्त कर सकते हैं। उनका भारत स्वाभिमान ट्रस्ट इस दिशा में कार्यरत है।
उन्होंने स्पष्ट कहा हमने विदेशी गुलामी से मुक्ति पा ली है, लेकिन शासन
के नाम पर वही शोषण, अन्याय, अत्याचार एवं भ्रष्टाचार शिखर पर है। रामदेव
ने कहा आजादी के बाद देश में कई सरकारें बदल गईं, लेकिन आज भी चरित्र,
नियम और नीतियाँ नहीं बदली हैं, जिनके कारण आज भी सत्ता के शीर्ष में
अधिकांश भ्रष्ट, बेईमान और अपराधी किस्म के लोग विराजमान हैं। श्रीराम
मंदिर के निर्माण के नाम पर राजनीतिक लाभ उठाने के संदर्भ में पूछे गए
सवाल के उत्तर में रामदेव ने कहा कि जो लोग श्रीराम मंदिर के निर्माण के
नाम पर राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं और जो लोग श्रीराम मंदिर
के निर्माण का विरोध कर रहे हैं दोनों की नीयत पर खोट है।
नेताओं का चरित्र ठीक नहीं
बाबा रामदेव ने कहा कि शक्ति एवं संपत्ति के केंद्र सत्ता के शीर्ष पर बैठे
नेताओं का चरित्र ठीक नहीं होने के कारण ही देश में भ्रष्टाचार पनप रहा
है। दुःख इस बात का है कि इस भ्रष्टाचार को पूरे देश ने आज एक शिष्टाचार
के रूप में स्वीकार कर लिया है। रामदेव ने कहा कि यह कड़वा सच है कि देश में 99
प्रतिशत से अधिक लोग ईमानदारी केसाथ जीवन व्यतीत करना चाहते हैं, लेकिन एक
प्रतिशत से कम भ्रष्ट और बेईमानलोग एवं भ्रष्ट व्यवस्था ने सौ करोड़ से अधिक जनता और
देश का जीवन नरक बना दिया है। (नई दिल्ली (भाषा), रविवार, 15 फरवरी 2009​)
Post a Comment

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...